गूगल की अगली स्मार्टवॉच अपडेट, Wear OS 6, एक बड़ी तकनीकी छलांग के रूप में उभर रही है। इसमें बैटरी परफॉर्मेंस, यूजर इंटरफेस, हेल्थ ट्रैकिंग, और AI इंटीग्रेशन जैसे नए फीचर्स शामिल होने की उम्मीद है। जानिए इस अपडेट से क्या बदल सकता है।
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Wear OS 6: गूगल की नई अपडेट से स्मार्टवॉच का अनुभव कैसे बदल सकता है?
गूगल का स्मार्टवॉच ऑपरेटिंग सिस्टम, Wear OS, अब तक के सबसे महत्वाकांक्षी अपडेट की ओर बढ़ रहा है। आने वाले Wear OS 6 को लेकर उम्मीदें काफी ऊंची हैं, और इसके फीचर्स को लेकर जो शुरुआती संकेत मिले हैं, वे वाकई में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। हालांकि गूगल ने आधिकारिक रूप से सभी जानकारियाँ साझा नहीं की हैं, लेकिन लीक और अनुमान इस ओर इशारा कर रहे हैं कि यह अपडेट स्मार्टवॉच यूजर्स को एक नया अनुभव देने वाला है।
हर साल मई के महीने में टेक की दुनिया की निगाहें Google I/O डेवलपर कॉन्फ्रेंस पर टिकी होती हैं, और इस बार भी 20 मई को होने वाले Google I/O 2025 में Wear OS 6 की झलक देखने को मिल सकती है। हालांकि इसका फाइनल वर्जन गर्मियों के अंत या शुरुआती पतझड़ में रिलीज़ होने की उम्मीद है।
पिछले साल का Wear OS 5 अपडेट ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाया था। UI में कुछ छोटे बदलाव और स्वास्थ्य ट्रैकिंग में सुधार के अलावा कुछ खास नहीं था। लेकिन इस बार, यूजर्स की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए गूगल Wear OS 6 में कई जरूरी बदलाव करने जा रहा है।
मल्टीपल टाइमर की जरूरत
वर्तमान में Wear OS पर एक बार में केवल एक ही टाइमर सेट किया जा सकता है। यदि आप दूसरा टाइमर सेट करना चाहें, तो पहले वाले को बंद करना पड़ता है। यह सीमा लंबे समय से यूजर्स को परेशान कर रही है। थर्ड पार्टी ऐप्स और सैमसंग की क्लॉक ऐप जैसी अपवाद जरूर हैं, लेकिन इतनी बेसिक सुविधा के लिए किसी अतिरिक्त ऐप की जरूरत नहीं होनी चाहिए। यह फीचर 2025 में Wear OS 6 के साथ स्टैंडर्ड बनना चाहिए।
Google Tasks ऐप की मांग
गूगल की ही टू-डू ऐप, Google Tasks, अभी तक Wear OS पर मौजूद नहीं है। जबकि यह ऐप जीमेल, कैलेंडर, चैट और अन्य गूगल सेवाओं से गहराई से जुड़ी हुई है। यूजर्स अपने टास्क को घड़ी से ही जोड़ना, हटाना या पूरा करना चाहते हैं। ऐसी बेसिक सुविधा की अनुपस्थिति Wear OS के इकोसिस्टम को अधूरा बनाती है। उम्मीद है कि गूगल इस बार इसे Wear OS 6 में जरूर शामिल करेगा।
Gemini इंटीग्रेशन की तैयारी
अब बात करते हैं उस फीचर की, जो शायद Wear OS 6 का सबसे बड़ा बदलाव बन सकता है – Gemini का इंटीग्रेशन। गूगल धीरे-धीरे अपने पुराने वॉयस असिस्टेंट को हटाकर AI-बेस्ड Gemini को प्राथमिकता दे रहा है। स्मार्टफोन पर इसकी शुरुआत हो चुकी है, और अब बारी है स्मार्टवॉच की। अगर गूगल Wear OS 6 में Gemini को पूरी तरह से शामिल करता है, तो यूजर्स को कहीं ज्यादा बेहतर और स्मार्ट अनुभव मिलने की संभावना है।
क्विक सेटिंग्स में कस्टमाइजेशन की कमी
आज के समय में स्मार्टफोन पर यूजर अपने क्विक सेटिंग्स पैनल को अपनी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज़ कर सकता है। लेकिन Wear OS पर अब तक यह सुविधा नहीं है। यूजर न तो सेटिंग्स के आइकन को ऊपर-नीचे कर सकता है, और न ही उन्हें हटा या जोड़ सकता है। इस कारण रोज़ाना इस्तेमाल होने वाले फीचर, जैसे Sleep Mode, हर बार खोजकर इस्तेमाल करना पड़ता है। Wear OS 6 में इस समस्या का समाधान होना बेहद जरूरी है।
Tiles और Widgets को चाहिए नयापन
Wear OS की ‘टाइल्स’ सुविधा 2019 में लॉन्च हुई थी। इसका मकसद यूजर को बिना ऐप खोले जरूरी जानकारी देना था – जैसे मौसम, कैलेंडर ईवेंट्स और हेल्थ डेटा। लेकिन अब ये फीचर पुराने ढर्रे पर चल रहा है। डेवलपर्स के लिए टाइल्स सपोर्ट सीमित है, और गूगल के अपने ऐप्स तक इसमें सुधार की जरूरत है। उदाहरण के लिए, Google Keep की टाइल लिस्ट दिखाती तो है, लेकिन उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। यूजर एक नया टच, बेहतर इंटरएक्शन और Apple Watch के स्मार्ट स्टैक जैसा अनुभव चाहते हैं।
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क्या वाकई में Wear OS 6 ये सब लाएगा?
सवाल ये है कि क्या ये सब फीचर्स वास्तव में Wear OS 6 में आएंगे? फिलहाल गूगल ने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है, और अफवाहों का बाजार भी शांत है। लेकिन पिछले साल की मामूली अपडेट के बाद इस बार उम्मीद की जा रही है कि Wear OS 6 में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
Google I/O 2025 ज्यादा दूर नहीं है, और उम्मीद की जा रही है कि इसी इवेंट में Wear OS 6 का पहला औपचारिक परिचय कराया जाएगा। गूगल के फैंस और टेक प्रेमियों की नजरें इसी पर टिकी हैं कि ये अपडेट वाकई में स्मार्टवॉच की दुनिया में क्रांति ला पाएगा या नहीं।
