kannappa movie box office collection day पर विवाद, प्रभास फैन ने विश्नु मंचू पर धोखा देने का आरोप लगाया।
Important topics
मशहूर अभिनेता विश्नु मंचू की बहुप्रचारित फिल्म कन्नप्पा रिलीज़ के बाद लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। हालांकि फिल्म के शुरुआती रिव्यू मिले-जुले रहे हैं, लेकिन प्रभास के एक गुस्साए प्रशंसक ने खुलेआम विश्नु मंचू पर धोखा देने का आरोप लगाया है और यहां तक कह दिया कि वह उन पर केस दर्ज करवाएगा। मामला अब सिर्फ फिल्म समीक्षाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी kannappa movie box office collection day पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं का भूचाल देखा जा रहा है।
प्रभास फैन का गुस्सा सातवें आसमान पर
दरअसल, एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें प्रभास का एक कट्टर प्रशंसक कन्नप्पा देखने के बाद भड़का हुआ नजर आ रहा है। उसने कहा कि फिल्म में शिव का असली रूप और भक्ति भावना गायब है और विश्नु मंचू ने फिल्म को पूरी तरह अपनी ‘हीरोइज़्म’ दिखाने का जरिया बना दिया है। उसने यह भी दावा किया कि ट्रेलर में जो दिखाया गया, फिल्म उससे बिल्कुल अलग निकली। फैन ने गुस्से में कहा, “मैं प्रभास का फैन हूं, उनके चाचा (कृष्णम राजू) ने ‘भक्त कन्नप्पा’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म दी थी। आपने जब इसे उसी लाइन पर प्रचारित किया, तो फिर इसमें सच्ची भक्ति क्यों नहीं दिखाई? पूरा फोकस खुद को हीरो दिखाने पर क्यों रहा?
kannappa movie box office collection day पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
बताते चलें कि कन्नप्पा 27 जून 2025 को बड़े पर्दे पर रिलीज हुई थी। फिल्म में विशाल स्टारकास्ट देखने को मिलती है, जिसमें विश्नु मंचू के अलावा प्रभास, मोहनलाल, अक्षय कुमार, सरथकुमार, काजल अग्रवाल, मोहन बाबू और प्रीति मुखुंदन जैसे दिग्गज शामिल हैं। फिल्म को लेकर भले ही प्रमोशन बड़ा किया गया था, लेकिन kannappa movie box office collection day पर आंकड़े उम्मीद से कुछ फीके नजर आ रहे हैं। खासकर, सोशल मीडिया पर इसके मिश्रित रिव्यू दर्शकों की राय को बांट रहे हैं।
यह भी पढें..Falaq Naaz ने फिर लगाई khushi mukherjee को फटकार, बोलीं- ‘नंगापन देखकर सब खामोश क्यों?’
कहानी में है देवता से नफरत से लेकर भक्ति तक का सफर
फिल्म की कहानी थिनाडु (विश्नु मंचू) नामक एक आदिवासी योद्धा की है, जो भगवान में विश्वास नहीं रखता। लेकिन एक दिन जंगल में उसे शिवलिंग दिखाई देता है और यहीं से उसकी ज़िंदगी बदलने लगती है। उसकी नास्तिकता धीरे-धीरे श्रद्धा में बदलती है। फिल्म दिखाती है कि कैसे एक साधारण इंसान भी बिना किसी परंपरा या रिवाज़ के सच्चे दिल से पूजा कर सकता है। फिल्म के दूसरे हिस्से में प्रभास ‘रूद्र’ के किरदार में आते हैं, जो कहानी को नई दिशा देते हैं। अक्षय कुमार भगवान शिव की भूमिका में नज़र आते हैं, जबकि प्रीति मुखुंदन एक बहादुर महिला योद्धा बनी हैं।
प्रदर्शन अच्छा, लेकिन कहानी में कमियां
फिल्म में जहां विश्नु मंचू ने काफी मेहनत की है, वहीं दूसरे कलाकारों का उपयोग पूरी तरह नहीं हो पाया। खासतौर पर मोहनलाल और मोहन बाबू जैसे दिग्गज कलाकारों को बेहद कम स्क्रीन टाइम दिया गया, जिससे उनके किरदार उभरकर सामने नहीं आ सके। इसके अलावा, फिल्म का पहला हिस्सा धीमा और खिंचता हुआ महसूस होता है, जिससे दर्शकों का जुड़ाव कमजोर पड़ता है। दूसरी तरफ, kannappa movie box office collection day पर प्रभास के फैंस की बड़ी संख्या में उम्मीद थी कि फिल्म में उनकी मौजूदगी अहम होगी, लेकिन उन्हें फिल्म में सिर्फ कुछ ही मिनटों के लिए देखने को मिला।
तकनीकी पक्ष पर मिला-जुला असर
फिल्म का निर्देशन मुकेश कुमार सिंह ने किया है, जिन्होंने भले ही ईमानदारी से कहानी को पर्दे पर लाने की कोशिश की है, लेकिन इमोशनल लेवल पर फिल्म पूरी तरह कनेक्ट नहीं कर पाती। सिनेमैटोग्राफी शानदार है, खासतौर पर न्यूज़ीलैंड में शूट हुए जंगल और प्राकृतिक दृश्यों ने आंखों को सुकून दिया। हालांकि, मेकअप और कॉस्ट्यूम डिज़ाइन पर दर्शकों ने खूब आलोचना की। कई लोगों ने इसे ‘महंगे स्कूल फंक्शन’ जैसा बताया, जहां सबकुछ दिखावटी लगता है।
यह भी पढें..कांटा लगा फेम shefali jariwala का निधन, कार्डियक अरेस्ट बना मौत की वजह, इंडस्ट्री में शोक की लहर
भक्ति के साथ भव्यता, मगर अधूरा असर
कन्नप्पा मूवी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे के आंकड़े भले धीरे-धीरे बढ़ रहे हों, लेकिन दर्शकों की राय बंटी हुई है। फिल्म में भक्ति का जो रूप दिखाया गया है, वह कहीं-कहीं खो जाता है और हीरोइज़्म का ज़ोर हावी हो जाता है। फिल्म का क्लाइमैक्स भावुक जरूर है, लेकिन अगर पूरी कहानी में और गहराई दी जाती, तो शायद यह एक यादगार अनुभव बन सकती थी।
कुल मिलाकर कन्नप्पा एक ईमानदार प्रयास है, जो भारतीय पौराणिकता और भक्ति भाव को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की कोशिश करता है। लेकिन कहानी की कमजोरियां, धीमी रफ्तार और कुछ पात्रों का सही उपयोग न हो पाना इसकी सबसे बड़ी कमियां हैं। हालांकि, प्रभास की मौजूदगी, विजुअल्स और क्लाइमैक्स इसे एक बार देखने लायक जरूर बनाते हैं। यदि आप फैमिली के साथ एक अलग तरह की भक्ति-प्रधान फिल्म देखना चाहते हैं, तो कन्नप्पा एक विकल्प हो सकता है।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में kannappa movie box office collection day के आंकड़े किस तरह से बदलते हैं और क्या फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतर पाती है या नहीं।
