अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी में जहां 242 लोगों की मौत हो गई, वहीं एक यात्री की चमत्कारी रूप से जान बचने की कहानी ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। ज़िंदा बचे यात्री ने हादसे के वो खौफनाक पल बयां किए हैं, जिन्हें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जांच एजेंसियां अब इस भयावह Ahmedabad plane crash के कारणों की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं।
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गुजरात की राजधानी अहमदाबाद गुरुवार सुबह उस वक्त एक दर्दनाक हादसे का गवाह बनी, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ़ के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। अहमदाबाद के घनी आबादी वाले इलाके में हुए इस Ahmedabad plane crash ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस हादसे में 242 यात्रियों की जान चली गई, मगर इसी तबाही के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं—एक ज़िंदा बचे यात्री की कहानी जिसने मौत को बेहद करीब से देखा।
मौत के साए से निकला जीवित यात्री
इस भयावह Ahmedabad plane crash के बाद रेस्क्यू टीम को फ्लाइट की सीट 11A पर एक व्यक्ति जीवित मिला। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि घायल यात्री को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी लगातार बनी हुई है। हालांकि, मृतकों की सटीक संख्या बताना फिलहाल मुश्किल है, लेकिन घनी बस्ती में विमान गिरने के कारण नुकसान काफी ज़्यादा होने की आशंका जताई जा रही है।
जब खुली आंखें, चारों ओर बिखरी थीं लाशें…
इस Ahmedabad plane crash से चमत्कारी रूप से बच निकले 40 वर्षीय विश्वास कुमार रमेश, जो ब्रिटेन के नागरिक हैं, ने जब अपनी आपबीती साझा की, तो हर कोई सन्न रह गया। उन्होंने बताया, “टेकऑफ़ के कुछ ही पलों बाद जोरदार धमाका हुआ और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। सबकुछ इतना तेज़ हुआ कि हमें कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। जब मेरी आंख खुली, तो मेरे चारों ओर जले हुए टुकड़े और लाशें फैली थीं। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं ज़िंदा कैसे बच गया। किसी तरह खुद को संभालकर मैं वहां से भागा, और फिर एक एम्बुलेंस के ज़रिए अस्पताल पहुंचाया गया।”
विश्वास अपने भाई अजय कुमार रमेश के साथ लंदन लौट रहे थे। वे 20 वर्षों से ब्रिटेन में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे पर ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में हुआ यह हादसा उन्हें अंदर तक झकझोर गया है और वे पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।
बेटे की छलांग ने बचाई जान
इस Ahmedabad plane crash ने सिर्फ विमान में सवार यात्रियों ही नहीं, ज़मीन पर मौजूद कई लोगों की ज़िंदगी भी बदल दी। हादसे के समय हॉस्टल में मौजूद एक युवक की मां रमीला ने कांपते हुए शब्दों में बताया, “मेरा बेटा डॉक्टरों के हॉस्टल में रहता है, जहां यह प्लेन आकर टकराया। जैसे ही आवाज़ आई, उसने बिना देर किए पास की इमारत में छलांग लगा दी। उसे कुछ चोटें आई हैं, लेकिन अगर वह कूदता नहीं, तो शायद आज हमारे बीच न होता।”
AAIB ने शुरू की जांच, बोइंग कंपनी सतर्क
इस भीषण Ahmedabad plane crash की गंभीरता को देखते हुए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने औपचारिक जांच की शुरुआत कर दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, AAIB के महानिदेशक और विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। वहीं, विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने भी इस हादसे पर बयान जारी करते हुए कहा है कि वह सभी तथ्य जुटाने के लिए भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
पूरा शहर सदमे में, हर चेहरा ग़मगीन
इस Ahmedabad plane crash के बाद अहमदाबाद शहर में मातम पसरा हुआ है। हादसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी में इतना भयावह दृश्य पहले कभी नहीं देखा। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई थी, लोग अपने परिवारजनों को तलाश रहे थे, और रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चलाया गया।
Ahmedabad plane crash कभी नहीं भुलाया जा सकेगा यह हादसा
यह Ahmedabad plane crash न केवल एक तकनीकी त्रुटि या संयोग था, बल्कि वह क्षण था जिसने सैकड़ों परिवारों की ज़िंदगी बदल दी। इस हादसे में जहां एक तरफ इंसानी जानें चली गईं, वहीं कुछ चमत्कारी कहानियां भी सामने आईं, जिन्होंने दिखाया कि कभी-कभी जीवन मौत से भी लड़ सकता है। अब देश की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि यह पता चल सके कि आख़िर इस भयानक हादसे की जड़ में क्या कारण था।
