CID 2 में dr salunkhe को ‘गद्दार’ दिखाने का फैसला फैंस को नागवार गुजरा है। 27 सालों तक शो की जान रहे इस किरदार की ऐसी विदाई ने दर्शकों को आहत कर दिया है। सोशल मीडिया पर नाराजगी की लहर है, और फैंस इसे एक ऐतिहासिक किरदार का अपमान मान रहे हैं।
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टेलीविज़न की दुनिया में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो समय के साथ शो से भी बड़े बन जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है dr salunkhe का, जिसे अभिनेता नरेंद्र गुप्ता ने दो दशकों से भी अधिक समय तक टीवी शो CID में निभाया। लेकिन जब से CID 2 में dr salunkhe को ‘गद्दार‘ के रूप में दिखाया गया है, दर्शकों के बीच गुस्से की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस ट्विस्ट को न केवल अस्वीकार्य बताया, बल्कि इसे किरदार और उसकी विरासत का अपमान भी करार दिया।
dr salunkhe – विज्ञान और व्यंग्य का चेहरा
सीआईडी की मूल कहानी में dr salunkhe की भूमिका सिर्फ एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट की नहीं थी। वह उस टीम का अहम हिस्सा थे, जिनकी वैज्ञानिक समझ और शार्प ऑब्ज़र्वेशन ने कई रहस्यों को सुलझाने में मदद की। उनकी हाजिरजवाबी, ACP Pradyumna,Inspector Daya और के साथ उनकी केमिस्ट्री, और विज्ञान के प्रति उनका समर्पण दर्शकों के दिलों में खास जगह बना चुका था।
लेकिन जब CID 2 में अचानक यह दिखाया गया कि dr salunkhe ही टीम के अंदर का ‘गद्दार‘ हैं, तो दर्शक स्तब्ध रह गए। इस ट्विस्ट में उन्हें गिरफ्तार होते दिखाया गया, और यह खबर जंगल की आग की तरह फैली।
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नकारात्मक प्रतिक्रियाओं की बाढ़
CID के लंबे समय से चले आ रहे फैंस इस नई कहानी से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। सोशल मीडिया पर एक के बाद एक नाराज़गी भरे पोस्ट आने लगे। किसी ने लिखा, “डॉ. सालुंखे को गद्दार बनाना बचपन की यादों को खराब करना है।” तो किसी ने ट्वीट किया, “उन्होंने 27 साल इस शो को दिए, फॉरेंसिक का चेहरा थे – और अब उन्हें बिना वजह विलेन बना दिया गया?”
#DrSalunkhe, #CID2, और #CIDreturns जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। फैंस ने मेकर्स से इस फैसले को वापस लेने की अपील की, और मांग की कि इस किरदार को उचित सम्मान और विदाई मिलनी चाहिए थी।
पलटवार में फैंस की भावनाएं
कुछ दर्शकों ने इसे एक मार्केटिंग स्टंट करार दिया है – शो को वायरल बनाने की एक कोशिश, तो कुछ ने माना कि यह शायद अंतिम समय में लिया गया निर्णय था। मगर सच्चाई चाहे जो भी हो, एक बात साफ है – फैंस को जिस तरह से यह ट्विस्ट परोसा गया, उससे वे बेहद आहत हुए हैं।
एक यूज़र ने तीखे शब्दों में कहा, “अगर गद्दार ही दिखाना था तो डॉ. गर्गी को बना देते। सालुंखे तो टीम की जान थे। अब डॉ. तारिका को लाकर पुराने जख्मों पर मरहम लगाना चाह रहे हैं।”
किरदार की विदाई, पर सम्मान नहीं
CID 2 के ताजा एपिसोड्स में दिखाया गया कि बारबोज़ा के खिलाफ साजिश में एक अंदरूनी व्यक्ति शामिल था, जिसने टीम के खिलाफ काम किया। ACP Ayushman ने ACP Pradyumna से सवाल किया कि टीम में गद्दार कौन था, और तब सामने आया – dr salunkhe। उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने टीम से इसलिए दूरी बना ली क्योंकि हर केस का क्रेडिट दूसरे ले जाते थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार दिखाया गया, और अभिनेता नरेंद्र गुप्ता का शो में सफर समाप्त हो गया।
यह एक ऐसा अंत था जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी – और न ही कोई ऐसा चाहता था। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “इतने वर्षों तक जिसने CID को अपना समय और प्रतिभा दी, उसे इस तरह ‘गद्दार’ कहना अपमानजनक है। शायद यह कहानी का हिस्सा हो, मगर फैंस इसे स्वीकार नहीं कर सकते।”
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क्या यह वास्तव में अंत है?
फैंस अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि यह बस एक चाल हो – एक फिक्शनल प्लॉट जो आने वाले एपिसोड्स में पलट जाएगा। कई लोगों को अब भी यकीन नहीं है कि dr salunkhe जैसा मजबूत और ईमानदार किरदार अचानक से गद्दार हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह CID की आत्मा को गहरी चोट देने जैसा होगा।
dr salunkhe के बिना अधूरी CID
डॉ. सालुंखे का नाम CID के साथ ऐसे जुड़ा है जैसे आत्मा शरीर से। चाहे वह अपराध स्थल से सुराग जुटाना हो, या लैब में की गई साइंटिफिक एनालिसिस – उन्होंने हर बार यह साबित किया कि विज्ञान और तर्क से अपराध कैसे सुलझाए जा सकते हैं।
अब जब CID 2 ने उन्हें शो से बाहर कर दिया है, वो भी ‘गद्दार’ बताकर, तो शो की आत्मा कहीं खोती सी लग रही है।
नरेंद्र गुप्ता द्वारा निभाया गया डॉ. सालुंखे का किरदार सिर्फ एक अभिनेता की परफॉर्मेंस नहीं था – वो एक युग था। और जब उस युग को ऐसे अचानक, बिना उचित सम्मान के समाप्त किया जाए, तो दर्शकों की नाराज़गी वाजिब है।
फिलहाल, शो के मेकर्स ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है कि फैंस की नाराजगी को देखते हुए वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे या नहीं। लेकिन इतना तय है कि सीआईडी अब वह नहीं रहेगा जो कभी था – खासकर डॉ. सालुंखे के बिना।
