‘sitare zameen par’ पर सेंसर बोर्ड की सख्ती: आमिर खान की फिल्म में अब दिखेगा पीएम मोदी का उद्धरण

आमिर खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म sitare zameen par 20 जून को रिलीज़ हो गई है, लेकिन सेंसर बोर्ड ने रिलीज से पहले फिल्म में पांच महत्वपूर्ण बदलाव करवाए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बयान भी शामिल है। जानिए क्या हैं वो बदलाव और कैसी रही फिल्म की शुरुआत।

आमिर खान की नई फिल्म sitare zameen par ने रिलीज़ से पहले ही सुर्खियां बटोर ली थीं, और अब जब फिल्म 20 जून को सिनेमाघरों में पहुंची, तो इसके पीछे एक दिलचस्प सेंसर बोर्ड की कहानी सामने आई है। सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने से पहले पांच बड़े बदलावों की सिफारिश की थी, जिनमें एक बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक विशेष उद्धरण को लेकर था, जिसे अब फिल्म के डिस्क्लेमर में जोड़ा गया है।

sitare zameen par को परिवार के सभी सदस्य देख सकते हैं, लेकिन 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पैरेंटल गाइडेंस अनिवार्य है। सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म की समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में खास बदलाव किए गए, जिनका पालन करते हुए फिल्म को हरी झंडी मिली।

क्या हैं सेंसर बोर्ड के बदलाव?

इस फिल्म के डिस्क्लेमर को पहले 30 सेकंड का रखा गया था, जिसे अब घटाकर 26 सेकंड का वॉइसओवर में बदला गया है। सबसे बड़ा बदलाव रहा है—डिस्क्लेमर में प्रधानमंत्री मोदी का 2047 को लेकर दिया गया एक प्रेरणात्मक बयान शामिल करना।

इसके अलावा, “कमल” शब्द को दृश्य और सबटाइटल दोनों से हटा दिया गया है, जिससे राजनीतिक प्रतीकों से जुड़ी कोई भी संभावित विवाद की स्थिति टाली जा सके। साथ ही, फिल्म में जहां-जहां “बिज़नेस वूमन” शब्द का प्रयोग किया गया था, उसे बदलकर “बिज़नेस पर्सन” कर दिया गया है ताकि जेंडर न्यूट्रल भाषा को प्रोत्साहित किया जा सके।

एक और दिलचस्प बदलाव किया गया—सबटाइटल्स में “माइकल जैक्सन” शब्द को हटाकर उसकी जगह “लवबर्ड्स” लिखा गया है। इन सभी संशोधनों के बाद ही सितारे ज़मीन पर को सेंसर बोर्ड की तरफ से मंजूरी दी गई।

यह भी पढें..प्रभास की ‘rajasaab’ का टीज़र रिलीज़: हॉरर और ह्यूमर का धमाकेदार तड़का, फैंस को दिखेगा ‘विंटेज डार्लिंग’ का जलवा

समीक्षा समिति का हस्तक्षेप

सेंसर बोर्ड के चेयरमैन राजेंद्र सिंह ने फिल्म की शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद एक विशेष रिवाइज़िंग कमिटी की मांग की थी। इस कमिटी की अगुवाई रंगमंच निदेशक वामन केंद्रे ने की, जिन्होंने फिल्म को बारीकी से देखा और आवश्यक बदलावों की सिफारिश की। अंततः आमिर खान फिल्म्स एलएलपी ने सभी सुझावों को मानते हुए फिल्म को अंतिम रूप दिया।

फिल्म की प्रस्तुति और संदेश

फिल्म sitare zameen par एक प्रेरणादायक स्पोर्ट्स ड्रामा है, जो 2018 की स्पेनिश फिल्म चैम्पियन्स का आधिकारिक रीमेक है। कहानी एक बास्केटबॉल कोच (आमिर खान) की है, जिसे नौकरी से सस्पेंड कर दिया जाता है और उसे सुधारात्मक सेवा के तहत विशेष रूप से विकलांग खिलाड़ियों की टीम को प्रशिक्षित करने का आदेश दिया जाता है।

फिल्म में आमिर खान के साथ जेनेलिया डिसूजा, डॉली आहलुवालिया और बृजेंद्र काला भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नज़र आ रहे हैं। सितारे ज़मीन पर न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि समाज को समावेश और समानता का अहम संदेश भी देती है।

प्रोडक्शन हाउस की प्रतिक्रिया

फिल्म के सह-निर्माताओं में से एक फैंटम स्टूडियोज़ ने इंस्टाग्राम पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा, “हम अंधेरे में बैठकर फिल्म देखते-देखते पूरी तरह भीतर से बदल गए। इस फिल्म ने हमें याद दिलाया कि सच्ची कहानियों में कितनी ताकत होती है।” उन्होंने आमिर खान और उनकी टीम को इस भावुक प्रस्तुति के लिए धन्यवाद भी कहा।

यह भी पढें..hera pheri 3 में परेश रावल की वापसी पर अक्षय कुमार को अब भी है उम्मीद, बोले- बिना बाबू भैया अधूरी है कहानी

sitare zameen par की कमाई

रिलीज़ के पहले ही दिन sitare zameen par ने ₹11.7 करोड़ की कमाई कर ली, जो कि एक मजबूत शुरुआत मानी जा रही है। ₹90 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म से निर्माताओं को काफी उम्मीदें हैं, और बॉक्स ऑफिस पर इसकी रफ्तार आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है।

sitare zameen par न सिर्फ एक मनोरंजन से भरपूर फिल्म है, बल्कि यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर भी करती है। सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए बदलावों के साथ यह फिल्म अब एक संतुलित, संवेदनशील और समावेशी संदेश के साथ दर्शकों तक पहुंच रही है। आमिर खान एक बार फिर साबित करते हैं कि वह सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार फिल्म निर्माता भी हैं।

More From Author

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *