rukhsar rehman कभी ऋषि कपूर की हीरोइन, आज प्रेरणा की मिसाल

17 में ऋषि कपूर के साथ डेब्यू, 19 में मासूम बेटी को गोद लेकर भागीं, फिर मुंबई की कठिन राहों पर खड़ी होकर बनाई नई पहचान”—rukhsar rehman की मिसाल है हौसले और जुनून की।

बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया के पीछे कई बार ऐसे किस्से छिपे होते हैं जो न केवल भावनात्मक होते हैं, बल्कि प्रेरणा से भरपूर भी होते हैं। ऐसी ही कहानी है अभिनेत्री rukhsar rehman की, जिन्होंने 17 साल की उम्र में ऋषि कपूर के साथ बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री की थी, लेकिन पारिवारिक दबाव ने उनके करियर को अचानक विराम दे दिया।

rukhsar rehman का जन्म उत्तर प्रदेश के रामपुर में हुआ। स्कूल की पढ़ाई खत्म होते ही उन्होंने फिल्म ‘याद रखेगी दुनिया’ और ‘इंतेहा प्यार की’ में ऋषि कपूर के साथ मुख्य भूमिका निभाई। उस समय इंडस्ट्री में उन्हें एक उभरता सितारा माना जा रहा था। लेकिन ठीक वहीं, उनके परिवार को अभिनय की दुनिया स्वीकार्य नहीं थी। उन्होंने मान लिया कि बेटी का विवाह ही उसका भविष्य है।

17 की उम्र में सिल्वर स्क्रीन पर चमकने वाली rukhsar rehman को मात्र दो फिल्मों के बाद अपने सपनों को अलविदा कहना पड़ा। उनके माता-पिता ने जबरन उनकी शादी करवा दी। कुछ ही समय में वह मां बन गईं। बेटी आयशा के आने से उनकी जिंदगी में एक नया मोड़ आया। हालांकि बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता था, लेकिन अंदर ही अंदर उनका वैवाहिक जीवन टूट रहा था।

rukhsar rehman ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि कैसे उन्होंने एक रात अपनी आठ महीने की बेटी को गोद में लिया और चुपचाप अपना घर छोड़ दिया। उस पल उन्होंने बस इतना सोचा — अब नहीं सहा जाता। रामपुर लौटने पर उनके पिता ने दरवाजा खोलते ही बस इतना कहा, “तू ठीक हो जाएगी।” न कोई सवाल, न कोई उलाहना।

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अपने और बेटी के गुजारे के लिए उन्होंने रामपुर में एक बुटीक की शुरुआत की। लेकिन दिल में एक कसक बनी रही — कैमरे के सामने लौटने की। साल 2005 में उन्होंने अपने जीवन का सबसे कठिन फैसला लिया: बेटी आयशा को माता-पिता के पास छोड़कर मुंबई का रुख किया।

rukhsar rehman के लिए यह वापसी आसान नहीं थी। छोटे-छोटे किरदारों के लिए ऑडिशन देना, बार-बार रिजेक्शन झेलना, लेकिन फिर भी हार न मानना — यही उनकी कहानी थी। उन्होंने धीरे-धीरे ‘डी’, ‘सरकार’, ‘पीके’, ‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो’, ‘उरी’ और ’83’ जैसी फिल्मों में अपनी जगह बनानी शुरू की।

कुछ सालों बाद उन्होंने बेटी आयशा को मुंबई बुला लिया। अब वे सिर्फ एक मां-बेटी नहीं थीं, बल्कि दो कलाकार थीं जो एक साथ एक-दूसरे का सहारा बन चुकी थीं। आयशा ने भी वेब सीरीज़ ‘अडल्टिंग’ और ‘माइनस वन’ के जरिए अपना नाम कमाया।

rukhsar rehman की निजी जिंदगी में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने निर्देशक फारूक कबीर से शादी की। यह रिश्ता करीब 13 साल चला, लेकिन आखिरकार दोनों ने तलाक ले लिया। हालांकि इस बार उन्हें सहारा मिला उनकी बेटी आयशा से, जो हर कदम पर उनके साथ खड़ी रही।

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ एक दिल छू लेने वाले इंटरव्यू में rukhsar rehman ने कहा, “ऐसा वक्त भी आया जब लगा कि मेरी कहानी खत्म हो चुकी है। लेकिन मुझे अभिनय से बहुत प्रेम था — जब कोई चीज़ आपके लिए बनी होती है, तो आप उसमें लौटकर आते ही हैं, जब समय सही होता है।”

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हाल ही में जब यह खुलासा हुआ कि वे अभिनेत्री आयशा अहमद की मां हैं, सोशल मीडिया पर लोगों ने हैरानी और तारीफ के साथ उनकी सराहना की। लोगों ने उनकी फिल्मों ‘पीके’, ‘कुछ तो लोग कहेंगे’, और ‘तुम्हारी पाखी’ को याद किया। एक फैन ने लिखा, “वो सिर्फ बचीं नहीं, वो उस बच्ची के लिए लौटीं जिसे उन्होंने एक बार पीछे छोड़ा था।”

अब rukhsar rehman अपने करियर के अगले चरण में हैं। वे जल्द ही फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ में नजर आएंगी, जिसमें अन्नू कपूर भी शामिल हैं। इसके अलावा वह फिल्म ‘थैंक्स मां’ में एक विशेष भूमिका निभा रही हैं।

rukhsar rehman की कहानी उन लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो कभी अपने सपनों से समझौता कर चुकी हैं। उनका सफर बताता है कि हालात चाहे जितने भी मुश्किल हों, अगर जज्बा हो तो रास्ता जरूर निकलता है।

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